भारतीय संविधान की रचना || Bhartiya samvidhan in hindi

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भारतीय संविधान की रचना Bhartiya samvidhan in hindi

भारतीय संविधान सभा की प्रमुख समितियां

1, संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा ने निम्नलिखित समितियों का गठन किया

  • संघ शक्ति समिति ——- पंडित जवाहरलाल नेहरू
  • संगीत संविधान समिति —— पंडित जवाहरलाल नेहरू
  • प्रांतीय संविधान समिति ——- सरदार पटेल
  • मौलिक अधिकार समिति ——- सरदार पटेल
  • प्रारूप समिति ——- डॉक्टर अंबेडकर
  • संचालन समिति ——- डॉ राजेंद्र प्रसाद
  • राष्ट्रीय ध्वज समिति ——- डॉ राजेंद्र प्रसाद
  • झंडा समिति ——- जे बी कृपलानी
  • सदन समिति ——- पट्टाबी सीतारमैया
  • नियम समिति ——- डॉ राजेंद्र प्रसाद

भारतीय संविधान की प्रारूप समिति

  29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति का गठन किया गया यह समिति के अध्यक्ष डॉ आंबेडकर थे जिनका निर्वाचन बंगाल प्रांत से किया गया लेकिन भारत के विभाजन के पश्चात डॉक्टर अंबेडकर का निर्वाचन पुनः मुंबई प्रेसिडेंसी से किया गया

प्रारूप समिति में कुल 7 सदस्य थे

  1. डॉक्टर अंबेडकर
  2. गोपाल स्वामी आयंगर
  3. कृष्णस्वामी अय्यर
  4. के एम मुंशी
  5. मोहम्मद सादुल्ला
  6. बीएल मित्र—–( बीएल मित्र के स्थान पर एन माधवराव)
  7. डीपी खेतान—–( डीपी खेतान के स्थान पर टीटी कृष्णमाचारी)

इस योजना के अंतर्गत संविधान सभा में सदस्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया

  1. मुस्लिम
  2. सिख
  3. सामान्य

11 दिसंबर 1946 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष चुना गया जुलाई 1946 में 296 सीटों के लिए चुनाव करा गए जिनमें से कांग्रेस को 208 सीटें मुस्लिम लीग को 73 सीटें और क्षेत्रीय पार्टियों को 15 सीटें प्राप्त हुई

संविधान सभा में सभी सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया गया

9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम स्थाई अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को चुना गया

संविधान सभा के उपाध्यक्ष के रूप में एचसी मुखर्जी को चुना गया

डॉक्टर बी एन संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया

   संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को पारित किया

26 जनवरी 1950 को संविधान को पूर्ण रुप से लागू कर दिया गया जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं इस प्रकार भारतीय संविधान के निर्माण में 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन का  समय लगा

भारतीय संविधान का निर्माण

1,भारत में सर्वप्रथम संविधान सभा की मांग 1922 में वामपंथी नेता एमएन रॉय द्वारा प्रस्तुत की गई

2,1924 में स्वराज पार्टी भारत का प्रथम राजनीतिक दल था जिसने संविधान सभा की मांग की विचार को प्रस्तुत किया 1938 के अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा के निर्माण के लिए वयस्क मताधिकार की मांग रखी

3,1942 में क्रिप्स मिशन ने सर्वप्रथम आधिकारिक रूप से संविधान निर्माण की मांग को स्वीकार करते हुए इसे अपनी सिफारिशों में शामिल किया

4, 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत भारत के संविधान निर्माण हेतु संविधान सभा के गठन को कार्य रूप प्रदान किया गया

कैबिनेट मिशन योजना

1946 में ब्रिटिश संसद ने पैट्रिक लॉरेंस, स्टेफोर्ड क्रिप्स और अभी एलेग्जेंडर को भारत भेजा इस तीन सदस्यीय आयोग को कैबिनेट मिशन कहा जाता है कैबिनेट मिशन के अध्यक्ष पैट्रिक लॉरेंस थे

कैबिनेट मिशन की सिफारिशों पर प्रत्येक 10 लाख की आबादी पर एक सदस्य को चुने जाने की व्यवस्था की गई इस आयोग की सिफारिश पर संविधान सभा में कुल 389 सीटें निर्धारित की गई जिनमें 292 ब्रिटिश प्रांतों से 93 सीटें देसी रियासतों से और चार सदस्य चीफ कमिश्नर क्षेत्रों से चुने जाने थे

चार चीफ कमिश्नर क्षेत्र

  • दिल्ली
  • बलूचिस्तान
  • अजमेर मारवाड़
  • कुर्ग

मनरेगा योजना

  • ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों में बेरोजगारी की दर में कमी लाने के उद्देश्य से
  • सितंबर 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट पारित किया गया
  • इस एक्ट को 2 फरवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में मनरेगा योजना के रूप में लागू किया गया
  • इस एक्ट को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना कहा जाता है
  • इस योजना का निर्माण और रूपरेखा बेल्जियम के अर्थशास्त्री ज्यों आंद्रे द्वारा तैयार की गई
  • इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के वयस्क सदस्य को न्यूनतम 100 दिनों का अकुशल रोजगार प्रदान किया जाता है
  • इस रोजगार में महिलाओं की भागीदारी 33% निर्धारित की गई है
  • यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है
  • इस योजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार का योगदान 90:10 होता है

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